Vijay Dashmi

Vijay Dashmi

Vijay Dashmi India is a big country. Indians celebrated lots of festivals every year Like Diwali, Holi, Raksha Bandhan, Dussehra, Vijay Dashmi, and dusshera also the same festival. Here is everything about Vijay Dashmi. So Here Is everything about Vijay Dashmi. Read Article And Share This with Friends.

Vijay Dashmi

Vijay Dashmi

उतर भारत में विजय दशमी पर्व
Vijaya Dasami Festival in North India

दशहरा अर्थात विजय दशमी उतर भारत में अपना पौराणिक महत्व रखता है. उल्लेखनीय है कि पौराणिक कथा के अनुसार विजय दशमी देवताओं द्वारा दानवों पर विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है. इस युद्ध में राजा दशरथ, जनक और शोनक ऋषि जैसे राजाओं ने देवताओं की दानवों से रक्षा की थी.

 

इसके बाद राजा दशरथ के पुत्र श्रीराम ने राक्षस राज रावण को मारकर, माता सीता को उनकी कैद से मुक्त कराया था. इसी की खुशी में विजयादशमी (Vijay Dashmi ) का पर्व मनाया जाता है.

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When is Dussehra 2020?

Dussehra is the last day of Navratri; it falls on the 10th day of the waxing moon during the Hindu month of Ashvin (around September or October). Dussehra in 2020 is on October 25 (Sunday)

Durga Puja 2020

Dussehra Puja is an eminent part of the Vijayadashami celebrations on the 10th day of Navratri. Besides celebrating Lord Ram s triumph over the demon King Ravan of Lanka by burning effigies of Ravan, there are certain rituals and customs that need to be observed while performing a Dussehra puja.

Happy Dussehra

भारत वर्ष में मनाये जाने वाले त्यौहार किसी न किसी रूप में बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देते हैं लेकिन असल में जिस त्यौहार को इस संदेश के लिये जाना जाता है वह है दशहरा। दीवाली से ठीक बीस दिन पहले। पंचाग के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को विजयदशमी अथवा दशहरे के रुप में देशभर में मनाया जाता है। दशहरा हिंदूओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह त्यौहार भगवान श्री राम की कहानी तो कहता ही है जिन्होंनें लंका में 9 दिनों तक लगातार चले युद्ध के पश्चात अंहकारी रावण को मार गिराया और माता सीता को उसकी कैद से मुक्त करवाया।

वहीं इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था इसलिये भी इसे विजयदशमी के रुप में मनाया जाता है और मां दूर्गा की पूजा भी की जाती है। माना जाता है कि भगवान श्री राम ने भी मां दूर्गा की पूजा कर शक्ति का आह्वान किया था, भगवान श्री राम की परीक्षा लेते हुए पूजा के लिये रखे गये कमल के फूलों में से एक फूल को गायब कर दिया। चूंकि श्री राम को राजीवनयन यानि कमल से नेत्रों वाला कहा जाता था इसलिये उन्होंनें अपना एक नेत्र मां को अर्पण करने का निर्णय लिया ज्यों ही वे अपना नेत्र निकालने लगे देवी प्रसन्न होकर उनके समक्ष प्रकट हुई और विजयीहोने का वरदान दिया। माना जाता है इसके पश्चात दशमी के दिन प्रभु श्री राम ने रावण का वध किया!

Updated: May 15, 2019 — 1:26 am

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