Diwali Speech in Hindi | Long Essay on Diwali in Hindi |

Ayurved Ke Desi Nuskhe

Get health tips, latest health news, articles and studies on all health-related considerations, browse the newest news associated with health care and fitness.

Diwali Speech in Hindi

Diwali Speech in Hindi

Diwali Speech in Hindi Diwali Festival Par Agar Aap Diwali par speech search kar rahe hai to humane aapke Liye bhaut khoobsurat or attractive speech likh rakhi hai. Please, article ko Full read kijiye.Jo ki Hindi Language Mai Hai.

Diwali Speech in Hindi

 

Diwali Speech in Hindi

दीपावली का इतिहास

शुभ दीपावली

कहते हैं कि त्रेता युग में अयोध्या के राजा; राजा दशरथ के ज्येष्ठ पुत्र जिन्हें संसार “मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम” के नाम से जानता है, जब पिता की वचन-पूर्ति के लिए चौदह वर्ष का वनवास पूरा करके अपनी पत्नी सीता जी एवं अनुज लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे तो नगर वासियों ने उनके स्वागत के लिए, अपनी खुशी प्रदर्शित करने के लिए तथा अमावस्या की रात्रि को भी उजाले से भरने के लिए घी के दीपक जलाये थे. तभी से हर साल हम उस दिन को याद करते हुए दीपावली का उत्सव मानते हैं.

यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीते के प्रतीक दशहरा पर्व के ठीक 20 दिन बाद मनाया जाता है क्योंकि राम जी रावण का वध करने के 20 दिन बाद ही अयोध्या लौटे थे.


ऐसे मनाते हैं दिवाली

दीपावली के दिन लक्ष्मी जी एवं गणेश जी का पूजन अत्यंत श्रद्धा एवं आस्था के साथ किया जाता है. तरह–तरह के व्यंजन एवं खील बताशों से उन्हें भोग लगाया जाता है. सब लोग नये वस्त्र पहनते हैं. खूब पटाखे चलाते हैं. अपने रिश्तेदारों एवं मित्रों को शुभ-कामनाएं एवं उपहार देते हैं, मिठाई खिलाते हैं.

दीपावली की रात में “काली पूजन” भी किया जाता है तथा इस रात को “महानिशा” भी कहा जाता है. लगभग आधी रात के समय कई लोग किसी भी एक मन्त्र का एक अथवा आधे घंटे तक निरंतर जाप करते हैं जिसे अत्यंत पुण्यकारी माना गया है. दीपावली-पूजन के साथ ही व्यापारी नये बही-खाते प्रारम्भ करते हैं और अपनी दुकानों, फैक्ट्री, दफ़्तर आदि में भी लक्ष्मी-पूजन का आयोजन करते हैं. खूब मिठाइयाँ बांटते हैं. एक बात अत्यंत महत्त्वपूर्ण है कि दीपावली पर एक दीये से ही दूसरा दीया जलाया जाता है |

Read More – Diwali Quotes in Hindi

 

Diwali Speech in Hindi

Designed by Freepik


दिवाली का महत्व

आज प्रकाश का त्यौहार है। दीवाली का मतलब है प्रकाश का त्यौहार। आप में से हर कोई अपने आप में एक प्रकाश है। यह त्यौहार सारे भारत, नेपाल, सिंगापोर, मलेसिया, श्री लंका, इंडोनेसिया, मारीशस, सूरीनाम, त्रिनिदाद और दक्षिण अफ्रीका में मनाया जाता है। लोग एक दूसरे को दिवाली की शुभ कामनाएं देते हैं और मिठाइयाँ बाँटते हैं। दिवाली के समय हम अतीत के सारे दुःख भूल जाते हैं। जो कुछ भी दिमाग में भरा पड़ा हो, आप पटाखे चलाते हो और सब भूल जाते हो। पटाखों की तरह अतीत भी चला जाता है,सब जल जाता है और मन नया बन जाता है। यही दिवाली है।
एक मोमबत्ती पर्याप्त नहीं है। हर किसी को खुश और प्रकाशित होना होगा। हर किसी को खुश और बुद्धिमान होना होगा। बुद्धिमता का प्रकाश प्रज्वलित हो चुका है। रोशनी को ज्ञान का द्योतक मानते हुए हम ज्ञान रूपी प्रकाश करते है, और आज उत्सव मनाते हैं। आप क्या कहते हो?


अतीत को जाने दो, भूल जाओ। जीवन का उत्सव बुद्धिमता से मनाओ। बुद्धिमता के बिना वास्तव में उत्सव नहीं मनाया जा सकता। बुद्धिमता यह जान लेना है कि ईश्वर मेरे साथ है। आज के दिन हम सब के पास जो भी सम्पति है उसे देखो। याद रखो आप के पास बहुत सारी सम्पति है और पूर्णता महसूस करो। नहीं तो मन हमेशा कमी में ही रहेगा, “ओह यह नहीं है…. वो नहीं है, इसके लिए दुखी, उसके लिए दुखी।

Read More – Diwali Quotes

Updated: July 29, 2018 — 4:10 pm

3 Comments

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

11 − 7 =

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Ayurved Ke Desi Nuskhe © 2018